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Showing posts from March 9, 2017

स्मरणशक्ति बढ़ाने और बुध्दि तेज करने केउपाय

🌹स्मरणशक्ति बढ़ाने और बुध्दि तेज करने केउपाय🌹 🌺उपाय- साधारणतया मस्तिष्क का केवल 3 से 7 प्रतिशत भाग ही सक्रिय हो पाता है। शेष भाग सुप्त रहता है, जिसमें अनंत ज्ञान छिपा रहता है। ऐसी विलक्षण शक्ति को जाग्रत करने के कुछ उपाय यहां प्रस्तुत किए जा रहे हैं। – दोनों कानों के नीचे के भाग को अंगूठे और अंगुलियों से दबाकर नीचे की ओर खीचें। पूरे कान को ऊपर से नीचे करते हुए मरोड़ें। सुबह 4-5 मिनट और दिन में जब भी समय मिले, कान के नीचे के भाग को खींचे।6 – सिर व गर्दन के पीछे बीच में मेडुला नाड़ी होती है। इस पर अंगुली से 3-4 मिनट मालिश करें। इससे एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ा हुआ याद रहता है। 🌸 ज्ञान मुद्रा- प्रात: उठकर पद्यासन या सुखासन में बैठकर हाथों की तर्जनी अंगुली के अग्र भाग को अंगूठे से मिलाकर रखने से ज्ञान मुद्रा बनती है। शेष अंगुलियां सहज रूप से सीधी रखें, आंखें बंद, कमर व रीढ़ सीधी, यह अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्रा है। इसका हितकारी प्रभाव समस्त वायुमंडल और मस्तिष्क पर पड़ता है। ज्ञानमुद्रा पूरे स्नायुमंडल को सशक्त बनाती है। विशेषकर मानसिक तनाव से होने वाले दुष्प्रभावों को ...

ब्रेड

आपके घर में अक्सर ब्रेड और पाव आते होंगे. सुबह का नाश्ते से लेकर शाम के नाश्ते तक आप और आपके बच्चे ना जाने कितनी बार ब्रेड और पांव खाते होंगे. आपको भी लगता होगा कि चलो कोई बात नहीं, बेटा बटर लगाकर ब्रेड ही तो खा रहा है. चलिए इसको छोड़िये और यह देखिये कि कई बार तो माँ-बाप ही अपने छोटे-छोटे बच्चों को बचपन से ब्रेड ही खिलाते हैं. ब्रेड जिसे डबल रोटी भी बोला जाता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जल्द बच्चों-बड़ों का पेट भर देती है और इसको खाने के बाद काफी समय तक भूख नहीं लगती है. अब जरा पाव की बात करें तो आजकल बर्गर और वडा के साथ यह खूब फेमस हो रहा है. आराम से बैठकर हम बर्गर खाते हैं और तब खुद को विकसित समझते हैं. अब जरा घर की बनाई दो दिन की पुरानी रोटी खा लीजिये अब आपसे कोई यह बोल दे कि घर में रखी दो दिन पुरानी रोटी खा लीजिये तो तब आप गुस्से से लाल पीले हो जायेंगे लेकिन यह रोटी नहीं खायेंगे. लेकिन आपको आज हम बता दें कि जो आप ब्रेड और पाव खा रहे हैं वह तो कम से कम 5 से 6 दिन पुराना सामान होता है और कई बार तो सप्ताह भर पुराने आटे से ब्रेड और पाव का निर्माण हो रहा है. हम दुकान पर ...

चीनी एक जहर है

*चीनी एक जहर है जो अनेक रोगों का कारण है* जानिये कैसे... (1)-- चीनी बनाने की प्रक्रिया में गंधक का सबसे अधिक प्रयोग होता है । गंधक माने पटाखों का मसाला ⓐⓡⓐ (2)-- गंधक अत्यंत कठोर धातु है जो शरीर मेँ चला तो जाता है परंतु बाहर नहीँ निकलता । ⓐⓡⓐ (3)-- चीनी कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाती है जिसके कारण हृदयघात या हार्ट अटैक आता है । ⓐⓡⓐ (4)-- चीनी शरीर के वजन को अनियन्त्रित कर देती है जिसके कारण मोटापा होता है । ⓐⓡⓐ (5)-- चीनी रक्तचाप या ब्लड प्रैशर को बढ़ाती है । ⓐⓡⓐ (6)-- चीनी ब्रेन अटैक का एक प्रमुख कारण है । ⓐⓡⓐ (7)-- चीनी की मिठास को आधुनिक चिकित्सा मेँ सूक्रोज़ कहते हैँ जो इंसान और जानवर दोनो पचा नहीँ पाते । ⓐⓡⓐ (8)-- चीनी बनाने की प्रक्रिया मेँ तेइस हानिकारक रसायनोँ का प्रयोग किया जाता है । ⓐⓡⓐ (9)-- चीनी डाइबिटीज़ का एक प्रमुख कारण है । ⓐⓡⓐ (10)-- चीनी पेट की जलन का एक प्रमुख कारण है । ⓐⓡⓐ (11)-- चीनी शरीर मे ट्राइ ग्लिसराइड को बढ़ाती है । ⓐⓡⓐ (12)-- चीनी पेरेलिसिस अटैक या लकवा होने का एक प्रमुख कारण है। ⓐⓡⓐ (13) चीनी बनाने की सबसे पहली मिल अंग्रेजो ने 1868 मेँ लगाई थ...

गले में खराश है

🍄🍄🍄🍄🍄🍄🍄🍄🍄🍄 *गले मे खराश,दर्द ,सूजन के उपचार -* 1) गुनगुने पानी में नमक मिला कर दिन में दो-तीन बार गरारे करें। गरारे करने के तुरन्त बाद कुछ ठंडा न लें।  गुनगुना पानी पिएं जिससे गले को आराम मिलेगा। 2) कच्चा सुहागा आधा ग्राम मुंह में रखें और उसका रस चुसते रहें। दो तीन घण्टों मे ही गला बिलकुल साफ हो जाएगा। 3) सोते समय एक ग्राम मुलहठी की छोटी सी गांठ मुख में रखकर कुछ देर चबाते रहे। फिर मुंह में रखकर सो जाए। सुबह तक गला साफ हो जायेगा। मुलहठी चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर लिया जाय तो और भी अच्छा रहेगा। इससे सुबह गला खुलने के साथ-साथ गले का दर्द और सूजन भी दूर होती है। 4) रात को सोते समय सात काली मिर्च और उतने ही बताशे चबाकर सो जायें। बताशे न मिलें तो काली मिर्च व मिश्री मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से बैठा गला खुल जाता है। 5) जिन व्यक्तियों के गले में निरंतर खराश रहती है या जुकाम में एलर्जी के कारण गले में तकलीफ बनी रहती है, वह सुबह-शाम दोनों वक्त चार-पांच मुनक्का के दानों को खूब चबाकर खा लें, लेकिन ऊपर से पानी ना पिएं। दस दिनों तक लगातार ऐसा करने से लाभ होगा...